भारत के राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गाँधी उर्फ़ महात्मा गाँधी के समाधी स्थल राजघाट पर जाकर नाच गाना करना अशोभनीय है। अगर यहाँ पर पुलिसिया कारवाई होती तो शायद ही कोई इसका विरोध करता। ये देश का अपमान है। जिसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। आजाद भारत में बापू के बलिदान का खुलम खुला अपमान है। ये और भी विचारणीय है की जो नाच रही है वो लोकसभा में विपक्ष की नेता , सांसद और भाजपा की वरिष्ट नेता है। देखते है इस घटना का कितना विरोध सरकार कर पाती है । Tuesday, 7 June 2011
RAAJGHAT PAR NAACH KARYAKRAM
भारत के राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गाँधी उर्फ़ महात्मा गाँधी के समाधी स्थल राजघाट पर जाकर नाच गाना करना अशोभनीय है। अगर यहाँ पर पुलिसिया कारवाई होती तो शायद ही कोई इसका विरोध करता। ये देश का अपमान है। जिसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। आजाद भारत में बापू के बलिदान का खुलम खुला अपमान है। ये और भी विचारणीय है की जो नाच रही है वो लोकसभा में विपक्ष की नेता , सांसद और भाजपा की वरिष्ट नेता है। देखते है इस घटना का कितना विरोध सरकार कर पाती है ।
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अब विपक्षियों के पास बचा ही क्या है इसके सिवा...
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