Monday, 14 February 2011

यादव जो उच्य पदों पर विराजमान होकर प्रसिद्द है

Intellectuals/Services/Civil Service
श्री कृष्ण कुमार यादव ,(भारतीय प्रशासनिक सेवा ) डाक निदेशक, अंडमान -निकोबार, यदुकुल ब्लॉग , डाकिया डाक लाया ब्लॉग, शब्द सृजन की ओरब्लॉग पर इनकी रचना पढ़ी जा सकती है ।
R.Viduthalai, M.A.M.L (Advocate-General, High Court of Madras)
Veera Ragavan (Additional Advocate-General, High Court of Madras)
Ashwani Kumar,I.A.S (Director, Department of Personnel and Training, Govt। India, Delhi)
Amit Yadav,I.A.S (Director, Ministry of Commerce, Govt. of India, Delhi)
SPS Yadav, IPS: Police Commissioner Thane, Former Police Commissioner Nagpur, Former Director(Security) Air India, Former DC Traffic (Mumbai).
Divakar Singh Yadav ( Young Scientist Award 2003 by Govt of UP, Commonwealth Fellow, UK, Writer of best seller book on Information Technology published by New Age (formerly Willey Eastern,Professor of Computer Science, Lucknow ))
Sajjan Singh Yadava,I.A.S (Special Secretary to Chief Minister, डेल्ही
V.N.Vishnu,I.A.S (Srikakulam Dist।collector, A.P.)
Vijayanand,I.A.S (Nalgonda Dist।collector, A.P.)
Uday Lakshmi,I.A.S (Prakasham Dist।collector, A.P.)
Krishnaiah,I.A.S (Secretary, School Education, A।P.)
S.S.Yadav,I.P.S (Director General, A।C.B, A.P.)Ram Avatar Yadav, I.P.S (Andhra Pradesh)Ram Babu Yadav, I.P.S (A.P.)
Navneet Seekera,I.P.S (SP, Dist Meerut Uttar Pardesh)
Santosh Yadav,I.A.S (DM, Aligarh, Uttar Pardesh)।
Soumitra Yadav,I.P.S (Noida, Uttar Pardesh)।
D.C.Mandal,I.R.S(Retired Director of Enforcement. Ministry of Finance, New Delhi)Kempaiah,I.P.S (Police officer from Karnataka, successfully hunted down Rajiv Gandhi's assassins in बंगलोरे
M. Gopalakrishnan Yadav (The former chairman and managing director of Indian Bank,president of Tamil Nadu Yadava Mahasabha)
Rajeshwar Yadav,I.R.S (Commissionar Income tax)।
Dr Mahavir Pd, I.A.S (Secy। WRD, Jharkhand)
Anil Kishore Yadav,I.P.S(SP, Madhepura Bihar)
Ganesh Pd Yadav,I.P.S (I।G, Bihar)
Raghunath Pd Singh,I.P.S(S।P, Bihar Cadre)
Suresh Pd Yadav,I.R.S (Commissioner of Income Tax Mumbai)
Arvind Dev,I.A.S (UP Cadre)
Dr Shashank Vikram,I.F.S.(Second Secretary,Lisbon)
Dr Virendra Kr Yadav,I.A.S (Bihar Cadre)
Sunil Rai,I.P.S (IG, CISF Jharkhand)
R.K.Yadav (Comdt, CISF)
Pradip Narayan,I.A.S (Kerala Cadre)
Rajeev Yaduvanshi,I.A.S (Karnataka Cadre)
Ajay Singh Yadav,I.A.S (MP Cadre)
Rajesh Yadav, PMP (IT Professional)
Dr. VishwaNath Yadav,PHD (IIT, DELHI)Hari Singh Yadav, SP of Guna{M।P)
Dharam Pal Yadav,Ph.D (Professor Mass Communications, University of Vermont, B।Sc. St. Stephens College, Ph. D Michigan State University)
Justice N.S. Rao (Retired High Court Justice, Bihar; Presently CAUVERY WATER DISPUTES TRIBUNAL)
Dev-Vrat Yadav(Eminent Lawyer, Rajasthan High Court, Alwar, Rajasthan)
Hemendra Yadav(Noted Biotechnologist, worked on Epidemic causing strains of V।cholerae of Delhi)
Jile Singh Yadav (Owner of well known Shastri Dental Clinic -chain of Dental clinics in northern India)
Mukesh Kumar (IT Professional,Telecom Billing Sector-Redknee Inc-Pune)
Santosh Yadav (IT Professional,Indore)
Alok Yadav (IT Professional,Pune)
SPS Yadav,IPS (Commissioner of Police, Nagpur)
Jag Mohan Yadav,IPS (IG Police Meerut UP)
Ravindra kr Yadav,IPS (DCP,Delhi)

Tuesday, 1 February 2011

वृन्दावन में पहुंचे श्री लालू प्रसाद यादव


माननीय अध्यक्ष राजद श्री लालू प्रसाद यादव रविवार को पूरी तरह धार्मिक नजर आये। यदुकुल शिरोमणि श्री बांके बिहारी जी के दरबार में राजनैतिक चर्चाओं से दूर श्री यादव मंजे हुए धार्मिक प्रवक्ता की तरह मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने श्री बांके बिहारी जी से देश में अमन-चैन की मनौती मांगी। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और सदी के महानतम रेल मंत्री द्विदिवसीय ब्रज यात्रा पर हैं। शनिवार को श्री यादव ने श्री गिरिराज महाराज जी का दुग्धाभिषेक कर सप्तकोसीय परिक्रमा की। सायंकाल विश्राम घाट पर मां यमुना महारानी का महाभिषेक कर आरती उतारी। रविवार की प्रात: श्री यादव ने यदुकुल शिरोमणि श्री बांके बिहारी की शरण में आ पहुंचे। लगभग आधा घंटे तक वीआईपी कटघरे में माननीय अध्यक्ष राजद श्री लालू प्रसाद यादव ने पूर्ण भक्तिभाव के साथ बांकेबिहारी लाल की वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य पूजा-अर्चना की। अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए शुरू से ही चर्चाओं में रहने वाले माननीय श्री लालू प्रसाद यादव ने यदुकुल शिरोमणि श्री बांकेबिहारी जी के दरबार में भी लोगों के आकर्षण का केन्द्र रहे। रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होने के कारण मंदिर दर्शनार्थियों से खचाखच भरा था। जैसे ही माननीय श्री लालू प्रसाद यादव के मंदिर पहुंचने की खबर फैली कि लोग यकायक चहेते राजनेता की एक झलक पाने को बेकरार हो उठे। माननीय श्री लालू प्रसाद यादव ने भी अपने प्रशंसकों को कतई निराश नहीं किया। श्रद्धालुओं के साथ श्री बांके बिहारी जी के जमकर जयकारे लगाये। मीडिया से रूबरू हुए तो श्री यादव ने पहले ही राजनीति पर चर्चा न करने की नसीहत दे डाली। इसके बाद धर्म वक्ता की तरह माननीय श्री लालू प्रसाद यादव ने देश की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि चहुंओर अराजकता का माहौल है, भ्रष्टाचार चरम पर है, आतंकी घटनायें बढ़ती जा रही हैं। देश को परमपिता परमेश्वर यदुकुल शिरोमणि भगवान् श्री कृष्ण के आशीर्वाद की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि देशभर के तीर्थ स्थानों पर जाकर वह आम आदमी की सुख-समृद्धि व उज्जवल भविष्य की कामना करेंगे।इससे पहले माननीय श्री लालू प्रसाद यादव उड़ीसा के श्री जग्गनाथ जी मंदिर भी गए थे। श्री जग्गनाथ जी में भगवान् श्री कृष्ण, श्री बलिराम जी, और भगवती सुभद्रा जी की प्रतिमा है।

Friday, 21 January 2011

देश रत्न बलिराम भगत


बिहार ने एक पुत्र को खो दिया है । देश रत्न श्री बलिराम भगत पर भारत को गर्व था । इसे संयोग ही कहेंगे की बिहार में जितने भी विख्यात लोग हुए सभी यादव जाति से है । जिनमे प्रमुख है मंडल कमीशन के जनक श्री बी पी मंडल, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री श्री दरोगा प्रसाद राय, कांग्रेस नेता श्री राम लखन सिंह यादव, पूर्व शिक्षा मंत्री श्री डी पी यादव, पूर्व रेल मंत्री श्री लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्य मंत्री श्रीमती राबड़ी देवी आदि , देश रत्न श्री बलिराम भगत एक मेधावी छात्र , स्वतंत्रा सेनानी, पत्रकार , लेखक, राज्यपाल, विदेश मंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, आदि आदि थे । शब्द कम पड़ जायेंगे , फिर भी संक्षेप में लिखा जा रहा है । बिहार के समस्तीपुर के मूल निवासी देश रत्न श्री बलिराम भगत का जन्म ०७-१०-१९२२ को हुआ । पटना कॉलेज से स्नातक और पटना विश्वविध्यालय से ही अर्थशास्त्र में परास्नातक किया। उस वक्त परास्नातक करना बहुत बड़ी बात थी। १९३९ में मात्र १७ वर्ष के नाबालिग उम्र में स्वतंत्रा संग्राम की लड़ाई लड़ने भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस में शामिल हो गए । १९४२ में भारत छोडो आन्दोलन में शामिल होने कॉलेज त्याग दिया। जबकि श्री भगत पटना विश्वविध्यालय के मेधावी छात्र थे। देश रत्न श्री बलिराम भगत १९४६ में कांग्रेस के महासचिव बनाये गए । श्री भगत १९४७ में पटना से राष्ट्र दूत नामक हिंदी पत्रिका शुरू किया। समाचार पत्रों में आर्थिक, राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय मामलो पर नियमित रूप से लिखते रहे। देश रत्न श्री बलिराम भगत ने अंतराष्ट्रीय विषयों पर कई पुस्तक लिखे। उनके लेखन से तत्कालीन कई राजनेता लेखक प्रभावित थे। देश रत्न श्री बलिराम भगत की प्रतिभा का उपयोग कांग्रेस ने जमकर किया। श्री भगत अंतराष्ट्रीय मामलो के कुशल जानकार थे। वे जितने बेहतर लेखक थे उतने ही बेहतर वक्ता भी थे। श्री भगत विभिन्न अंतराष्ट्रीय मंचो पर भारतीय संसद का प्रतिनिधित्व करते रहे । इन्स्ताबुल,लन्दन,कोलोम्बो और जापान में श्री भगत ने अपने कुशल भाषण से सभी को प्रभावित किया था। देश रत्न श्री बलिराम भगत पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गाँधी की सरकार में भारत सरकार में विदेश मंत्री रहे । श्री भगत हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के राज्यपाल के रूप में देश के सेवा करते रहे । पांचवी लोकसभा के अध्यक्ष बन उन्होंने साबित किया योग्यता की परिभाषा क्या होती है। देश रत्न श्री भगत हम सब को छोड़कर ०२ जनवरी २०११ में चले गए । उनके निधन से बिहार में शोक की लहर फैल गयी । श्री भगत की योग्यता का लोहा पूर्व प्रधानमंत्री नेहरु, इंदिरा भी मानती थी। उनके निधन होने पर उनके पार्थिव शरीर पर पूर्व रेल मंत्री श्री लालू प्रसाद यादव ने न्यू दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुच कर पुष्प अर्पित किये. पटना में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती राबड़ी देवी, प्रदेश महासचिव राजद श्री एस एन यादव उर्फ़ बबन यादव, प्रधान महासचिव श्री राम कृपाल यादव ने शोक व्यक्त किया । समस्तीपुर में भी कई जगह शोक सभा आयोजित किया गया। समस्तीपुर के प्रसिद्द शिक्षाविद और नन्द संस्कृत महाविद्यालय मधुबनी के प्राचार्य डॉ दिनेश्वर प्रसाद यादव ने कहा श्री भगत जैसे पत्रकार, लेखक, राजनेता बार-बार जन्म नहीं लेते। डॉ यादव ने अपने पुराने दिन को याद करते हुए कहा की बलिराम भगत महाविद्यालय समस्तीपुर का में छात्र रहा हूँ मुझे इस बात का गर्व है। सामाजिक कार्यकर्त्ता वंदना यादव ने कहा समस्तीपुर के ही नहीं भारत के यादवो को गर्व था की श्री भगत यादव थे। वंदना यादव ने आगे कहा श्री बलिराम भगत को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए।

Monday, 27 December 2010

श्री कृष्ण कुमार यादव









अपने नाम को सार्थक करते आधुनिक श्री कृष्ण कुमार यादव ।
भारतीय डाक सेवा में अधिकारी. सूरत, लखनऊ, कानपुर के बाद फ़िलहाल निदेशक पद पर अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में. जवाहर नवोदय विद्यालय, जीयनपुर आज़मगढ़ से 1994 में इंटर एवं तत्पश्चात इलाहाबाद विश्वविद्यालय से 1999 में राजनीति-शास्त्र में परास्नातक. डाक सेवाओं मूलत: चिट्ठियों से मेरा गहरा नाता है. इसलिए नहीं कि मैं डाक विभाग से जुड़ा हूँ, बल्कि इसलिए भी कि मैं साहित्य से जुड़ा हूँ. समय मिलता है तो कुछ लिख-रच लेता हूँ. एक काव्यसंकलन "अभिलाषा" सहित दो निबंध-संकलन "अभिव्यक्तियों के बहाने" तथा "अनुभूतियाँ और विमर्श" एवं संपादित कृति "क्रांति-यज्ञ" का प्रकाशन. भारतीय डाक पर- ''India Post : 150 Glorious Years'' पुस्तक प्रकाशित. व्यक्तित्व-कृतित्व पर "बाल साहित्य समीक्षा (कानपुर)" व "गुफ्तगू (इलाहाबाद)" पत्रिकाओं द्वारा विशेषांक जारी. शोधार्थियों हेतु व्यक्तित्व-कृतित्व पर इलाहाबाद से "बढ़ते चरण शिखर की ओर : कृष्ण कुमार यादव" (सं0- दुर्गाचरण मिश्र) प्रकाशित. समकालीन हिंदी साहित्य में नया ज्ञानोदय, कादम्बिनी, सरिता, नवनीत, आजकल, वर्तमान साहित्य, उत्तर प्रदेश, अकार, लोकायत, गोलकोण्डा दर्पण, उन्नयन, दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता, राष्ट्रीय सहारा, स्वतंत्र भारत, आज, छपते-छपते, द सण्डे इण्डियन, इण्डिया न्यूज,शुक्रवार, अक्षर पर्व, अक्षर शिल्पी, युग तेवर, मधुमती, गोलकोंडा दर्पण, इन्द्रप्रस्थ भारती, शेष, अक्सर, आधारशिला, वीणा, इरावती, योजना, साहिती सारिका, परती पलार, युगीन काव्या, अलाव, अभिनव कदम, शब्द, समर लोक, सरस्वती सुमन, सनद, बयान, युद्धरत आम आदमी, संवेद वाराणसी, हरसिंगार, संकल्य, प्रसंगम, इत्यादि सहित 250 से ज्यादा पत्र-पत्रिकाओं व 50 से ज्यादा प्रतिष्ठित संकलनों में विभिन्न विधाओं में रचनाओं का प्रकाशन. अंतर्जाल पर सृजनगाथा, अनुभूति, अभिव्यक्ति, साहित्यकुंज, साहित्यशिल्पी, रचनाकार, लिटरेचर इंडिया, हिंदीनेस्ट, हिंदी मीडिया, काव्यांजलि, स्वतंत्र आवाज़, शब्दकार, समय दर्पण, युग मानस, कथा व्यथा, स्वर्गविभा, वांग्मय पत्रिका, कलायन, आखर कलश, सप्तरंगी प्रेम इत्यादि वेब-पत्रिकाओं में विभिन्न विधाओं में रचनाओं का प्रकाशन. आकाशवाणी लखनऊ, कानपुर, पोर्टब्लेयर से कविताओं, सामयिक लेख, वार्ता का समय-समय पर प्रसारण. अंतर्जाल पर 'शब्द सृजन की ओर' और 'डाकिया डाक लाया' ब्लॉग का सञ्चालन. तमाम ब्लॉगों में सहभागिता. कानपुर में मेरे विदाई-समारोह में चर्चित साहित्यकार और लेखक पद्मश्री गिरिराज किशोर जी ने एक बड़ी अच्छी बात कही कि- " चिट्ठियों और साहित्य दोनों का ही संवेदनाओं से अटूट रिश्ता है." यह अनायास ही नहीं है कि दुनिया की तमाम नामी-गिरामी हस्तियों का किसी न किसी रूप में इस संवेदनशील डाक व्यवस्था से जुड़ाव रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति रहे अब्राहम लिंकन पोस्टमैन तो भारत में पदस्थ वायसराय लार्ड रीडिंग डाक वाहक रहे। विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक व नोबेल पुरस्कार विजेता सी0वी0 रमन भारतीय डाक विभाग में अधिकारी रहे वहीं प्रसिद्ध साहित्यकार व ‘नील दर्पण‘ पुस्तक के लेखक दीनबन्धु मित्र पोस्टमास्टर थे। ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित लोकप्रिय तमिल उपन्यासकार पी0वी0अखिलंदम, राजनगर उपन्यास के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित अमियभूषण मजूमदार, फिल्म निर्माता व लेखक पद्मश्री राजेन्द्र सिंह बेदी, मशहूर फिल्म अभिनेता देवानन्द डाक व्यवस्था से जुड़े रहे हैं। उपन्यास सम्राट प्रेमचन्द जी के पिता अजायबलाल डाक विभाग में ही क्लर्क रहे। ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता मशहूर लेखिका महाश्वेता देवी ने आरम्भ में डाक-तार विभाग में काम किया था तो प्रसिद्ध बाल साहित्यकार डा0 राष्ट्रबन्धु भी पोस्टमैन रहे। सुविख्यात उर्दू समीक्षक पद्मश्री शम्सुररहमान फारूकी, शायर कृष्ण बिहारी नूर, महाराष्ट्र के प्रसिद्ध किसान नेता शरद जोशी सहित तमाम विभूतियाँ डाक विभाग से जुड़ी रहीं। उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री सुश्री मायावती भी डाक-तार विभाग के कर्मचारी की ही पुत्री हैं। साहित्य जगत में अपनी पहचान स्थापित करने वाले तमाम चर्चित नाम- कवि तेजराम शर्मा, कहानीकार दीपक कुमार बुदकी, कथाकार ए. एन. नन्द, शायर मु०अब्दाली, गीतकार राम प्रकाश शतदल, गजलकार केशव शरण, कहानीकार व समीक्षक गोवर्धन यादव, बाल साहित्यकार डा0 राष्ट्रबंधु, लघु कथाकार बलराम, लघु कथाकार कालीचरण प्रेमी, लघु कथाकार अनुराग लाक्षाकर, मंचीय कवि जवाहर लाल 'जलज', शारदानंद दुबे, जितेन्द्र कुमार, शायर आलम खुर्शीद इत्यादि भारतीय डाक विभाग की समृद्ध परंपरा के ही अंग हैं। कहना गलत न होगा कि तमाम मशहूर शख्सियतें डाक विभाग की गोद में अपनी काया का विस्तार पाने में सफल रहीं और मुझे गौरव है कि मैं भी इसी व्यवस्था का अभिन्न अंग हूँ. अंतर्जाल पर आप मेरे ब्लॉग 'शब्द सृजन की ओर' और 'डाकिया डाक लाया' पर मेरी अभिव्यक्तियों और भावनाओं से परिचित हो सकते हैं !!






Friday, 1 October 2010

राजद अध्यक्ष श्री लालू प्रसाद यादव


कानून की पढाई में स्नातक और राजनीती विज्ञानं से परास्नातक श्री लालू प्रसाद यादव पटना युनिवेर्सिटी के मेधावी छात्र रहे है । श्री यादव हिंदी अंग्रेजी भोजपुरी मैथली मगही अंगिका बोलने में निपुण है .

Wednesday, 25 August 2010